उत्तर प्रदेश सरकार में क्या हो रहा है ये हरदिन अखबारों में सुर्खिया बन रही है। पर आम जनता को सिर्फ सरकार धोखा ही दे रही है। बात आज से २ साल पहले की है, २४ दिसंबर २००८ की रात को औरैया जिले के विधायक शेखर तिवारी अपने आधा दर्जन से अधिक सहयोगियों के साथ एन्गीनियर मनोज गुप्ता के आवास पर गए और उसे इतना पीटा की वो मर गया। हत्या महज इसलिए हुई की उस अभियंता ने शेखर तिवारी को सलाम नहीं किया और ठेके भी नहीं दिए.....शेखर तिवारी ने एक गुप्त पूछताछ में ये स्वीकार किया है की उसने पैसे कमाने और ठेके हथियाने के लिए अभियंता को मौत के घाट उतार दिया। जबकि अभी भी विधायक साहब बसपा के माननीय विधायक बने हुए है। जब माया सरकार अपने विधायक का साथ नहीं छोड़ रही तो कल्पना करे की पैसा कमाने और कमवाने वाले को कैसे छोड़ेगी...चाहे हत्या हो या फिर अपमान हम करेंगे अपना सम्मान.
बुधवार, 10 नवम्बर 2010
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