बुधवार, 16 नवम्बर 2011

Anokha prayas

video चम्बल घाटी के विकास के लिए कुछ उत्साही कांग्रेसी युवा आजकल चम्बल के पंचनद बांध के लिए धरने पर नाव पर बैठे है. उनकी मांग है की विश्व में एकमात्र पांच नदियों (यमुना,चम्बल,क्वारी,पहुज,सिंध) के संगम पर दशको से प्रस्तावित पंचनद बांध परियोजना जल्द से जल्द पूरी की जाये ताकि चम्बल का विकास हो सके और चम्बल घाटी भी नहर और बिजली परियोजना के लिए जानी जाये. धरना देने वालो की नाव नदी में सफ़र कर रही है और धरना देने वाले भी उत्साहित है लेकिन यह अनोखा धरना शासन सत्ता को कितना सन्देश देगा ये तो वक्त बताएगा लेकिन बांध के लिए नाव में बैठकर धरना देना अनोखा विरोध का तमगा हासिल कर चुका है.

सोमवार, 7 मार्च 2011

राजनीति से निति की जंग

video उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने शासन के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए ७,८ और ९ मार्च २०११ को चुना है। ८ मार्च को महिला दिवस पर विभिन्न सामाजिक और सरकारी संस्थाएं महिला दिवस मानती है पर हंगामे की भेंट चढ़ जाएँगी। एक बार फिर राजनितिक वजहों से महिलाये अपना दिवस सार्वजनिक तौर पर नहीं मना सकेंगी। सवाल यह भी है की जब कोई राजनितिक पार्टी सत्ता में होती है तो विरोध नहीं होता और जैसे ही सत्ता गयी विरोध के सुर तीखे हो जाते है। यदि अपनी सरकार के गलत फैसलों का विरोध कुछ इसी तरह से पार्टी वाले करे तो शायद विरोध की सार्थकता समझ आती है। पर कही न कही इस तरह से विरोध सिर्फ राजनितिक रोटियाँ सेंकने से ज्यादा और कुछ नहीं है। जनता को वोट देने से पहले ये जरुर सोचना चाहिए की कौन सा दल उनके अधिकारों को लेकर संघर्ष करता है और कौन अपने लिए।

शनिवार, 27 नवम्बर 2010

पाठशाला या मौतशाला

अक्सर ही खबरों के लिए भागना पड़ता है..बड़े ही बेमन से आज बीहड़ के गावमें गया जहा स्कूल में एक महिला teacher ने फाँसी लगाकर जान दे दी थी। खबर बनाए के दौरान लाश के हाथ पर कुछ सन्देश देखा...जो की सुसाइड नोट था। जिसमे उसने आरोप लगाया था की उसी के स्कूल के एक teacher की छेड़ छाड़से तंग आकर वो जान दे रही है। इतने में ही गुस्साई भीड़ ने उस आरोपी teacher को पकड़ा और जमकर धुन दिया. स्कूल में जब शिक्षक सुरक्षित नहीं है तो कल्पना की सकती है की बच्चे कितने सेक्योर होंगे??? video

बुधवार, 10 नवम्बर 2010

एम् एल ए का कारनामा

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उत्तर प्रदेश सरकार में क्या हो रहा है ये हरदिन अखबारों में सुर्खिया बन रही है। पर आम जनता को सिर्फ सरकार धोखा ही दे रही है। बात आज से २ साल पहले की है, २४ दिसंबर २००८ की रात को औरैया जिले के विधायक शेखर तिवारी अपने आधा दर्जन से अधिक सहयोगियों के साथ एन्गीनियर मनोज गुप्ता के आवास पर गए और उसे इतना पीटा की वो मर गया। हत्या महज इसलिए हुई की उस अभियंता ने शेखर तिवारी को सलाम नहीं किया और ठेके भी नहीं दिए.....शेखर तिवारी ने एक गुप्त पूछताछ में ये स्वीकार किया है की उसने पैसे कमाने और ठेके हथियाने के लिए अभियंता को मौत के घाट उतार दिया। जबकि अभी भी विधायक साहब बसपा के माननीय विधायक बने हुए है। जब माया सरकार अपने विधायक का साथ नहीं छोड़ रही तो कल्पना करे की पैसा कमाने और कमवाने वाले को कैसे छोड़ेगी...चाहे हत्या हो या फिर अपमान हम करेंगे अपना सम्मान.

बुधवार, 20 अक्तूबर 2010

बदलता बीहड़ और उसकी पंचायत

गंवई पंचायत की इस समर में बीहड़ के खबरी दौरे में मैंने बहुत सी नयी बातें जानी है, मसलन की यहा डकैत जब फरमान जारी करते थे तो उनका मकसद अपनी बिरादरी का उत्थान होता था और दुसरे का पतन। ऐसा ही विज्ञानं भी कहता है....... शायद यही बीहड़ की त्रासदी भी है. पूरे बीहड़ में इस बार मैंने गाओ की खाक छानी और चुनावी दौरे में डकैतों का फरमान तलाशा पर आजादी के बाद पहला ऐसा मौका इस बार के पंचायत चुनाव में आया की बीहड़ में विकास की बाते है और डकैतों का फरमान नदारद है! एक प्रत्याशी के पास गया उसने बड़े ही स्नेह के साथ मुझे बीडी ऑफर की उसके स्नेह में मै उसे मना नहीं कर सका, और जिंदगी में पहली बार बीडी का कश लिया... शायद ये उसका अपनापन था या वोटर को पटाने का तरीका पर बदलता बीहड़ देखकर ख़ुशी हुई की अब यहा के राश्ते डकैतों के संगीनों तले नही गुम होने वाले है......आप भी बीहड़ो का रुख करिए भले ही बीडी का कश न ले फिर भी इनकी कशिश ऐसी है की आप दुबारा आने से मना नहीं कर पाएंगे....
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बृहस्पतिवार, 7 अक्तूबर 2010

चम्बल घाटी में चुनावी हथियारों की बरामदगी...

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औरैया जिले में भी पंचायत चुनाव की तैयारिया जरी है ... जहा पुलिस तैयारी में जुटी है तो अपराधी भी इन चुनाव में अपराध के बल पर वोट की तलाश में है। बीते दिनों औरैया पुलिस ने छापा मारकर अपराधियों के साथ मुठभेड़ के बाद अवैध शास्त्र फैक्ट्री बरामद की जिसमे भरी मात्र में बने हुए और अर्ध निर्मित असलहे बरामद हुए। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है की इन लोगो ने किन किन प्रधानो को और उनके साथियों को असलहे मुहैया कराये है......

बुधवार, 11 अगस्त 2010

साइबर क्राइम

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सोसिअल वेब साइट्स में आपको देश विदेश की सभी नामीगिरामी नेता अपराधी और हीरो हेरोइन मंहगे खिलाडी आसानी से मिल जायेंगे। लेकिन ये सभी फर्जी है, आप अगर इन पैर भरोसा करेंगे तो ठगे जायेंगे। किसी के नाम का दुरूपयोग देखना हो तो सोसिअल वेब साइट्स बढ़िया है। जो है नाम वाला वही तो बदनाम है और ये सभी आपको ऑरकुट और फसबूक में बहुतायत मात्र में मिल जायेंगे। साइबर क्रिमिनल का जोर है और जो बड़े नाम बदनाम हो रहे है वो चुप है..पैर देखकर भी शर्म नहीं आती की हम क्या कर रहे है पैर जो भी कर रहे है वो अपराध है इसकी जानकारी नहीं है। डॉक्टर इसे मानसिक बीमारी मानते है तो अपराध करने वाले इसके असर से अनजान है॥ देश में इस प्रकार के अपराधो से कैसे मुक्ति पाए इस्पे सवाल है पर हल दूर दूर तक नजर नहीं आता..