बुधवार, 16 नवम्बर 2011
Anokha prayas
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सोमवार, 7 मार्च 2011
राजनीति से निति की जंग
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शनिवार, 27 नवम्बर 2010
पाठशाला या मौतशाला
बुधवार, 10 नवम्बर 2010
एम् एल ए का कारनामा
उत्तर प्रदेश सरकार में क्या हो रहा है ये हरदिन अखबारों में सुर्खिया बन रही है। पर आम जनता को सिर्फ सरकार धोखा ही दे रही है। बात आज से २ साल पहले की है, २४ दिसंबर २००८ की रात को औरैया जिले के विधायक शेखर तिवारी अपने आधा दर्जन से अधिक सहयोगियों के साथ एन्गीनियर मनोज गुप्ता के आवास पर गए और उसे इतना पीटा की वो मर गया। हत्या महज इसलिए हुई की उस अभियंता ने शेखर तिवारी को सलाम नहीं किया और ठेके भी नहीं दिए.....शेखर तिवारी ने एक गुप्त पूछताछ में ये स्वीकार किया है की उसने पैसे कमाने और ठेके हथियाने के लिए अभियंता को मौत के घाट उतार दिया। जबकि अभी भी विधायक साहब बसपा के माननीय विधायक बने हुए है। जब माया सरकार अपने विधायक का साथ नहीं छोड़ रही तो कल्पना करे की पैसा कमाने और कमवाने वाले को कैसे छोड़ेगी...चाहे हत्या हो या फिर अपमान हम करेंगे अपना सम्मान.
बुधवार, 20 अक्तूबर 2010
बदलता बीहड़ और उसकी पंचायत
बृहस्पतिवार, 7 अक्तूबर 2010
चम्बल घाटी में चुनावी हथियारों की बरामदगी...
औरैया जिले में भी पंचायत चुनाव की तैयारिया जरी है ... जहा पुलिस तैयारी में जुटी है तो अपराधी भी इन चुनाव में अपराध के बल पर वोट की तलाश में है। बीते दिनों औरैया पुलिस ने छापा मारकर अपराधियों के साथ मुठभेड़ के बाद अवैध शास्त्र फैक्ट्री बरामद की जिसमे भरी मात्र में बने हुए और अर्ध निर्मित असलहे बरामद हुए। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है की इन लोगो ने किन किन प्रधानो को और उनके साथियों को असलहे मुहैया कराये है......
बुधवार, 11 अगस्त 2010
साइबर क्राइम
सोसिअल वेब साइट्स में आपको देश विदेश की सभी नामीगिरामी नेता अपराधी और हीरो हेरोइन मंहगे खिलाडी आसानी से मिल जायेंगे। लेकिन ये सभी फर्जी है, आप अगर इन पैर भरोसा करेंगे तो ठगे जायेंगे। किसी के नाम का दुरूपयोग देखना हो तो सोसिअल वेब साइट्स बढ़िया है। जो है नाम वाला वही तो बदनाम है और ये सभी आपको ऑरकुट और फसबूक में बहुतायत मात्र में मिल जायेंगे। साइबर क्रिमिनल का जोर है और जो बड़े नाम बदनाम हो रहे है वो चुप है..पैर देखकर भी शर्म नहीं आती की हम क्या कर रहे है पैर जो भी कर रहे है वो अपराध है इसकी जानकारी नहीं है। डॉक्टर इसे मानसिक बीमारी मानते है तो अपराध करने वाले इसके असर से अनजान है॥ देश में इस प्रकार के अपराधो से कैसे मुक्ति पाए इस्पे सवाल है पर हल दूर दूर तक नजर नहीं आता..

